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सफलता किसे ????????

Posted On: 13 Aug, 2012 Others में

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सफलता की सची कहानी सुनो
एक बार एक युवक एक कमपनी में interview देने गया उसकी योग्यताएं आशा से उतम थी कम्पनी के मेनजेर ने एक बार देखा दो बार देखा २० ३० से अधिक सवाल पूछे क्लास १ से लेकर btech phd तक वह युवक बहुत अधिक योग्य था .
कुछ देर चुप बैठ कर उसने उससे पूछा तुमने इतनी education क्या scholarship से ली है ?युवक ने उत्तर दिया जी नहीं फिर प्रशन पूछा गया तुम्हारे पापा ने यह सारी फीस भरी थी ?युवक ने उत्तर दिया जी नहीं जब मैएक साल का था मेरे पिटा का देहांत हो गया था .
फिर तुम्हे किसने पद्राया है ?
जी मेरी माँ ने मुझे पद्राया है
इतनी फीस तुम्हारी माँ ने दी ?
जी क्लास १ से लेकर आज तक मेरी माँ ने हर कदम पर मेरी हर .

सहायता की मुझे एक अच्छा इन्सान बनाने के लिए उसने मुझे सिक्षा दी

तुम्हारी माँ क्या काम करती है जो इतनी फीस देकर तुम्हे पद्राया ?
मेरी माँ घर घर जाकर कपरे धोती है
तुम अपने हाथ दिखाओ ?
युवक ने अपने हाथ दिखाए उसके हाथ बहुत सुंदर और मुलायम दिखाई दे रहे थे
क्या तुमने कभी अपनी माँ की सहायता नहीं की ?????????
नहीं मेरी चाहती है मै अधिक से अधिक किताबे पद्रु अपना ज्ञान अधिक पारपत करूँ मेरी बहुत अधिक जल्दी कपड़े धोती है वो छाती मै

केवल अपनी पद्राई पर ध्यान दूँ
तुम आज घर जाओ माँ के हाथ देखना कल मेरेपास आना अब जाओ.
युवक बाहर आगया और बहुत निराश हो गया उसने सोचा इतनी अच्छी नोकरी अब मुझे नहीं मिलेगी
घर जाकर मैनेजर की पार्थाना पर उसने अपनी माँ को कहा माँ अपने हाथ दिखाओ
माँ की भावनाएं मन में बहुत उथल पुथल कर रही थी खुश भी थी आज मेरा बेटा मेरे हाथ क्यों दिखना चाहता है
माने कुछ डर कर कुछ खुश हो कर अपने हाथ अपने बेटे के हाथो में दे दिए
युवक माँ के हाथ देख कर बहुत दुखी हो गया .माँ के बहुत कठोर खुरदरे और बहुत निशानों से भरे थे .पर वह पल माँ बेटे के आंसुओं से उन दोनों के हाथो को भर गया माँ बेटे की ममता को पाकर तो बेटा माँ की ममता को देखकर अपने अपने प्यार के पलो से उन पलों को अम्र बना रहे थे
तब वह युवक तुरंत उठा अपनी माँ के हाथो को बहुत ममता से धोया अपने हाथो में लेकर बहुत देर तक रोया उसने अनुभव किया माँ ने अपनी जिन्दगी के कितने अमूल्य समय को देकर रोज सबके गंदे क्प्द्रे धो कर मुझे इतना योग्य बनाया है उस दिन उसने अपनी माँ को काम नहीं करने दिया सब के क्प्द्रे खुद धोये माँ के हाथो की मालिश की तेल लगाया घंटो तक ममता से सफलाता रहा
उस रात दोनों माँ बेटे ने साथ खाना खाया रात को देर तक बहुत बातें की
माँ ने नोकरी के बारे में पूछा तो बताया कल फिर बुलाया है
अगले दिन वह युवक सुबह उठकर अपनी माँ के चरणों को छुकर मैनेजर के पास गया
मैनेजर ने उस दिन उसकी आँखों में आंसूं देखे उसने पूछाकल तुमने क्या अनुभव किया ?
युवक ने कहा कल मुझे एसा लगा जेसे भगवन मिले हो माँ ने अपनी जिन्दगी मुझे दे दी .
मंजर ने कहा तुम ने इससे क्या सीखा ?
युवक ने कहा no १ माँ की सहायता के बिना मई कुछ भी नहीं पा सकता था
no २साथ काम करने से साथ चलने से मुसीबतें आसान हो जाती है
no ३ मेरी education से अधिक महत्व पूर्ण मेरी माँ की मेहनत
है माँ के बिना मई कही भी कुछ भीनाही हूँ सफलता से महत्वपूर्ण परिवार है

तब मैनेजर ने कहा मै एसा ही नया मैनेजर चाहाता था जो दुसरो की भावनाओं को समझे दूसरों के दर्द को समझे अपनी सिक्षा को बड्रा न समझे मिल जुल कर काम करे मिलजुल कर काम ले जिन की मदद से आगे आयं उनकी भावनाओं को भी समझे अब तुम यहाँ काम कर सकते हो पर कल से अपनी माँ की भी सहायता जरुर करना

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
August 14, 2012

आदरणीय मंजू जी सुन्दर संदेश देता हुआ आलेख। मेरा मानना है कि यदि कहीं ईश्वर है तो वह केवल माँ है, माँ के अतिरिक्त और कोई नहीं।

vikramjitsingh के द्वारा
August 13, 2012

सत्य कहा आपने…. भगवान तो हमेशा ही सब के साथ रहते हैं….भले ही उन्हें कोई याद करे न करे…… सुन्दर प्रस्तुति……

nishamittal के द्वारा
August 13, 2012

बहुत सुन्दर विचार


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