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अभिलाषा

Posted On: 29 Aug, 2012 Others में

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एक दिन मैंने भगवन से कह डाली अपने मन की एक अभिलाषा
उस दिन कुछ खुश थे मेरे से सुन ली बड़े मन से मेरी अभिलाषा
मैंने भगवन से ताकत माँगी उसने दे डाली साहस की अभिलाषा
मैंने भगवन से और साहस माँगा दे डाली मुझे अनेक मुसीबतें
कह दिया ले अजमा ले अपनी ताकत और अपना साहस
मैं था कुछ सनकी फिर माँगा कुछ धन दे डाली मुझे दान की भी आदत
उस दिन मेरी चांदी थी मैंने कुछ बुधी और ज्ञान माँगा
दे डाली मुझे मुसीबतों से निकलकर आगे बदने की आदत
उस दिन कुछ मेहरबान था भगवन मैंने माँगा धीरज
उसने दे डाली मुझे एसी हालत जब मुझे केवल इंतजार की आदत
तू है बड़ा साहसी तो रख मुसीबतों से निकलने को धीरज
मैंने भगवन से कुछ प्यार माँगा तो दे डाली हर समय दुसरो की मदद की आदत
कैसी थी मेरी अभिलाषा जो माँगा वो न मिला पर वो मिला जिसके बाद बची न कोई अभिलाषा

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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
August 30, 2012

मंजू जी, आपकी कविता में मुझे एक बहुत ही उपयोगी एवं सुन्दर संदेश दिखलाई देता है।

    manjusharma के द्वारा
    August 30, 2012

    dinesh ji Thanks a lot

nishamittal के द्वारा
August 29, 2012

भगवान से प्राप्त कर यदि मानव तृप्त हो जाय तो जीवन ही सफल हो जाता है.

    manjusharma के द्वारा
    August 29, 2012

    nishaa ji so many thanks for your app.

pritish1 के द्वारा
August 29, 2012

वह क्या अभिलाषा है आपकी अपनी अभिलाषा तो बड़ी निराली है….देश के लिए क्रांति वाली है…….. वन्दे मातरम……….

    manjusharma के द्वारा
    August 29, 2012

    प्रतिष् जी जो अभिलाषा मेरी है मेरा मानना है शायद सबकी है भगवन देता भी सबको है पर मिलता हम सब को वही है जो वो चाहता है विचारों की ऐसी क्रान्ति शायद देश की तस्वीर बदल दे ?????????? अनेकानेक धन्यवाद .

vikramjitsingh के द्वारा
August 29, 2012

मंजू जी….सादर….. आपको तो बहुत कुछ मिल गया….. उनको देखिये…जो दिन रात कुछ ना कुछ मांगते ही रहते हैं……लेकिन मिलता कहाँ है….??? सुन्दर कविता पर धन्यवाद लीजिये….मंजू जी…..

    manjusharma के द्वारा
    August 29, 2012

    vikram ji god always gives to every one it is our najariyaa to have alook I AM HIGHLY THANKFULL TO U TO APP. MY RACHNAA AGAIN THANKS MANJU SHARMA


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