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इमानदारी

Posted On: 30 Aug, 2012 Others में

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एक सच्ची घटना
यह एक सच्ची घटना है इमानदारी की सब कहते हैं अब कोई भी इमानदार नहीं रहा .
हेदराबाद शहर की एक कम्पनी में एक बड़े अधिकारी को एक नये अधिकारी का चुनाव करना था
उसने बहुत सोचा कुछ दिन अपने किसी मित्र से परामर्श किया अपनी पत्नी से पूछा चिंतन मनन भी किया
उसकी पत्नी ने उसे एक योजना बताई की तुम अपने ऑफिस में एक मीटिंग बुलाकर सबको इसके बारे में बताना उसे यह बात उचित लगी
उसने एसाही किया अगले दिन सबको अपने ऑफिस में बुलाया और सबको कहा अब मुझे एक नए अधिकारी का चुनाव करना है अबसे लेकर दस दिन तक मैं आप सबके सभी कार्यों पर विशेष ध्यान रखूंगा और दस बाद एक और विशेष काम दूंगा
अगले सभी लोग अपने बॉस के आगे पीछे घुमने लगे कुछ लोग घर पर भी जाकर उनके काम करने पर इसी तरह दस दिन बीत गये अब अगले दिन बड़े अधिकारी ने फिर से सबको बुलाया किसी से कुछ कहा नहीं बीएस अपना वह विशेष काम बताया
सबको एक एक बीज दिया कहा यह एक विशेष बीज है आप इसे घर लेजाकर एक गमले बो देना और एक साल बाद अपना वह गमला मुझे लाकर दिखाना जिसका गमला सबसे सुंदर होगा खूब लहलहाता होगा सुंदर फूल पाती होंगे उसे ही मैं कम्पनी का बड़ा अधिकारी बनाउंगा
उन सब में एक अमेरिका का निवासी JIM नाम का भी एक आदमी था घर जाकर उसने अपनी पत्नी को
सभी बातें विस्तार से अच्छी तरह समझा दी पत्नी ने बड़े ध्यान से उस बीज को एक गमले में माटी खाद डालकर
अपने GOD को याद कर बो दिया
दो सप्ताह बाद सभी लोग बीज के बारे बाते करते घर आकर अपनी पत्नी को सभी बातें बताता दो तीन महीने बाद भी यही चलता रहा सब लोग सुंदर सुंदर पतीऔर सुंदर सुंदर पोधे के बारे में बात करते
परन्तु
उसके गमले में खाद पानी धुप हवा सभी का ध्यान रखने पर भी बीज से एक पत्ता भी नहीं फूटा वह उदास रहने लगा धीरे धीरे दस महीने भी बीत गये सभी लोग अपने लम्बे सुदर पेड़ की बात करते आखिर में साल का वह दिन आ गया
जिम ने अपनी पत्नी से कहा वह इस खाली गमले को लेकर ऑफिस नहीं जाएगा उसकी पत्नी ने कहा नहीं आप इस खाली गमले को ही लेकर जायेंगे हम सब ने इस गमले का विशेष ध्यान रखा समय समय पर जरूरत के अनुसार इस पर विशेष ध्यान दिया .
अपने परिवार के बहुत जोर देने पर वह शर्माता हुआ घबराता हुआ उस खाली गमले को लेकर ऑफिस चला गया अधिकारी ने सभी के गमलों का विशेष निरीक्षण परीक्षण किया अंत में जिम को आया अदिकारी नियुक्त किया
और
सभी को बताया जिम इमानदार है वह विशेष बीज था जो किसी तरह उग ही नहीं सकता आप सब ने कोई दुसरा बीज उगाकर अपना गमला मुझे दिखाया
आखिर अंत में इमानदारी ही विजयी घोषित हुई

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
September 1, 2012

आदरणीय मंजू जी, बहुत ही सुन्दर संदेश देती हुई प्रस्तुति के लिये बधाई स्वीकृत करें…..

    manjusharma के द्वारा
    September 2, 2012

    दिनेश जी बहुत बहुत धन्यवाद

vikramjitsingh के द्वारा
August 30, 2012

अच्छी कहानी…….मंजू जी…. लिखते रहिये…….

    manjusharma के द्वारा
    September 2, 2012

    vikram ji thanks a lot


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